मेरे पास कई call , msg और व्यक्तिगत लोग मिलने आते हैं जो अपने विवाह में हो रही देरी को ले के दुखी रहते हैं।तमाम ज्योतिषियों को कुंडलियाँ दिखा दिखा के लाखों रुपये उपायों में बर्बाद करके ,तथाकथित गुरुओं की youtube और किताबों में दी हुई साधनाओं को करने के पश्चात असफलता को पा , बहुत ही उदास और नकारात्मकता लिए जब मेरे पास आते हैं तो उनकी #कुंडली न देख के मैं उनसे tantra scanning कराने का उचित परामर्श देता हूँ और उसके पीछे एक ठोस कारण ये है कि मेरा कई वर्षों का सफल प्रयोगों का अनुभव।उसी अनुभवों में से एक बहुत सुंदर भावुक क्षण मेरे साथ हुआ जिसको आपके साथ साझा करने को उत्सुक हूँ। मेरे उत्तराखंड निवास के पास के गांव में एक शुभ दिवस जब श्री काल भैरव जी के पूजन के उद्देश्य से 3 दिन के लिए वहां उपलब्ध था तो एक कन्या अपनी #माता के साथ अपनी परेशानी को लिए किसी के माध्यम से मुझ तक डरते हुए अपनी बात पहुँचाई।क्योंकि मैं हर किसी को परामर्श देने में इच्छुक नही रहता हूँ तो टाल देने के भाव मे आता हूँ किन्तु इनके संदेश को पा श्री काल भैरव के आदेश को स्वीकारते हुए उनको भीतर बुलाया और सम्पूर्ण हृदय से उनकी बात सुनी और कन्या पर छेदन दृष्टि डालते ही उस कन्या के रहस्यों को जब उधेड़ना शुरू करा तो जैसे ही श्री क्रोध भैरव के अति भयंकर रूप ने गहरी हुँकार भरी तो जिन शक्तियों के कारण विवाह में अवरोध था वो सभी एक एक करके सामने आने लगीं और एक एक करके चीत्कार मचाती हुई असहाय , एक कोने से दूसरे कोने भागती हुई क्रोध ज्वाला से भस्म हुईं और कन्या बेहोश हो गिर पड़ी।इसी के साथ उसकी माता को कुछ नियम पालन बताये और श्री कालभैरव के आदेश से 3 महीने में #विवाह का संकेत दिया।कुछ नियम में से एक महत्वपूर्ण ये भी है जो सभी कन्याओं को ध्यान देना चाहिए कि “आप अपने दुपट्टे को जमीन से सरकता हुआ न होने दें” इसके पीछे भी गहरा कारण है, ये उनको भी कहा दूसरा “नदी ,नहर नही लांघना” ऐसे कुछ छोटे उपायों को करने मात्र से ही उस कन्या का रिश्ता जो 7 साल से नही हो रहा था मात्र 1 माह में सगाई व 3 महीने में विवाह सम्पूर्ण हुआ।जब वो मिलने आये मुझसे वो इतने खुश थे की कुछ बोल ही न पाए बस हाथ जोड़ के रोते रहे और मैं अवाक सा अपने प्राण श्री काल भैरव के अनंत अथाह करुणा सागर में डूब गया।

Khandoba: The Fierce Grace of Mallari Bhairava
The Complete Sacred Story and Its Profound Spiritual Meaning In the sacred hills of Maharashtra and Karnataka, where ancient temples echo with devotional fervor, stands the magnificent deity Khandoba—known in the Puranas as Mallari Bhairava. This divine form represents one of the most profound manifestations of Lord Shiva’s protective grace,

